Tuesday, 21 June 2011

NO MORE EVE TEASING

                                                      
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने लड़कियों के पक्ष में एक अच्छा कदम उठाते हुवे ईव TEASING जैसे मामलो में सक्त दंड की सिफारिश की है .सिफारिश के तहत कहा गया है इसे नॉन बेलेबल बनाया जाये ताकि सिरफरे आशिको के नकेल कासी कसी जा सके ...नेशनल क्राइम ब्रांच के हाल के आक्रोड़ो पर नज़र डाले तो अजीब नतीजे सामने आयेंगे . नॉर्थ इंडिया में हाल वर्षो में छेड़खानी के मामले अचानक बढ़ गए हैं . इसके बाद दिल्ली का नंबर आता है. अधिकतर मामलो में समाज और लाज शर्म के डर से गर्ल अपनी complain पुलिस तक ले जाने में घबराती हैं .
अगर complain पुलिस तक ले भी है तो अब तक के मोजूदा कानून में छेड़खानी को लेकर आसान से सज़ा का ही कानून है . इलाहाबाद हाई कोर्ट ने ईव TEASING को काफी सगीन मानते हुवे केंद्र सरकार से इसके लिए कड़ी सज़ा की सिफारिश की है और नॉन बेलेबल करने का सुझाव दिया है . यह सही है कि इव teasing को लेकर भविष में कड़ी सज़ा का कानून होता है तो इससे लड़कियों का मनोबल बढेगा और छेड़खानी करने वालो में भी डर बैठेगा , लेकिन कहीं इसके भी साइड एफ्फेक्ट देखने को न मिल जाये इसका भी ध्यान रखना होगा .
married women के welfair के लिए इसी तरह का एक कानून dowry एक्ट (दहेज़ कानून ) है .इसके तहत भी अगर महिला complain कर देती है तो बिना किसी execuse के पति और उसके साथ जिन लोगो के नाम complain हैं उन्हें अरेस्ट कर लिया जाता है .इस कानून का उपयोग तो हुवा ही दुरूपयोग भी कम नहीं हुवा है .ऐसी हालत में इलाहाबाद हाई कोर्ट का कदम सराहनीय है .इसका welcome भी किया जाना चाहिए लेकिन साथ ही इसके तमाम तरह के साइड एफ्फेक्ट के बारे में भी सोचे जाने कि जरूरत है ताकि भविष में इस कानून के misuse को लेकर कोई बहस न उठ खड़ी हो .......sumbul
                               

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